अखिल भारतीय गहोई वैश्य परिवार ( रजि. ) द्वारा आयोजित भव्य कवि सम्मेलन संपन्न हुआ

श्रीमती प्रियंका खंताल “बावली” गायिका झांसी ..
गहोई दर्शन पत्रिका वैश्य एकता अखबार..
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नई दिल्ली।
सर्वप्रथम कवि सम्मेलन के कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में आ. विजय कुमार गुप्त छत्तीसगढ को मंच पर आसीन कराया गया साथ ही टीकमगढ से पधारे युवा कवि आ. प्रमोद कुमार गुप्त मृदुल द्वारा माँ शारदे की मधुर स्वर में वंदना हुई तत्पश्चात अखिल भारतीय गहोई वैश्य परिवार (रजि. ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ. अरविंद कुमार जी बड़ोनिया एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आ.राजीव सहदेले जी के उद्बोधन में संस्था के द्वारा किए जा रहे समाज के लिए कार्य प्रकल्प उद्देश्य एवं लक्ष्य बताये गए ।
इसके उपरांत देश के विभिन्न क्षेत्र से पधारे कवि/कवियत्रियों द्वारा एक से एक बढ़कर काव्य प्रस्तुतियों ने आयोजन को सफलता के शिखर पर पहुंचाया क्रमश: आ. सुधीर गुप्त, लंदन प्रवासी – अशोक नगर, आ. प्रमोद गुप्त “मृदुल” टीकमगढ, आ.रामप्रकाश गुप्त, ग्वालियर, आ. श्याम मोहन गुप्त “आकाश” दिल्ली, आ. अरुणा बिलैया, झाँसी, आ. मीना बरसैंया, शिकोहाबाद, आ. घनश्याम दास गुप्त, ग्वालियर, आ. नरसिंह गुप्त नौग्ररईया कानपुर, आ. शिवकुमार गुप्त निवाड़ी, आ. विजय कुमार गुप्त, छत्तीसगढ, आ. दीपक कुमार गुप्ता, पिछोर शिवपुरी,आ. साधना छिरोल्या सभी ने शानदार काव्य पाठ किया।
संस्था की ओर से निर्णायक अतिथि के रूप में विभिन्न विधाओं के सशक्त हस्ताक्षर आ. भास्कर सिंह जी माणिक कोंच जालौन को आमंत्रित किया गया था उन्होंने श्रेष्ठ काव्य प्रस्तुति के लिए आ. प्रमोद कुमार गुप्त मृदुल का चयन किया संस्था उन्हें “गहोई साहित्य रत्न” प्रदान कर सम्मानित किया।
उपरोक्त संपूर्ण आयोजन संयोजन एवं मंच संचालन आ. चन्द्रप्रकाश गुप्त “चन्द्र” बुंदेला अध्यक्ष साहित्य प्रकल्प अखिल भारतीय गहोई वैश्य परिवार द्वारा बहुत ही कुशलतापूर्वक किया गया जिसकी सराहना संस्था के पदाधिकारियों कवि/कवियत्रियों एवं श्रोताओं द्वारा की गई ।
पद: लेख संपादक
शहर: नई दिल्ली